क्या Rohit और Virat भी Tilak Varma की 62(32) वाली पारी को देखकर proud महसूस करते?
भारत–दक्षिण अफ्रीका दूसरे T20 में तिलक वर्मा ने 32 गेंदों पर 62 रन की जो पारी खेली, उसने सिर्फ टीम इंडिया के लिए उम्मीद नहीं जगाई बल्कि करोड़ों भारतीय फैंस को भी उत्साहित कर दिया।
मैच भले ही भारत के पक्ष में नहीं गया, लेकिन तिलक की यह दमदार इनिंग हर किसी के दिल में उतर गई।
अब बड़ा सवाल यह है—
क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली भी इस पारी को देखकर गर्व महसूस करते?
क्रिकेट माहौल और तिलक से जुड़े पुराने बयानों को देखते हुए इसका जवाब बेहद दिलचस्प है।
⭐ तिलक की 62(32) की पारी—दबाव में खेला गया क्लासिक टी20 मास्टरपीस
जब भारत का टॉप ऑर्डर लड़खड़ा रहा था और स्कोर 70 रन के आसपास था, तब तिलक वर्मा क्रीज पर आए।
उन्होंने:
- पहली ही गेंद से पॉजिटिव स्ट्राइक रोटेशन
- स्पिनर के खिलाफ खूबसूरत inside-out छक्के
- पेसर्स पर फ्लैट शॉट्स
- मैदान के हर कोने में स्ट्रोक्स
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खेलते हुए भारत को मैच में वापस लाने की कोशिश की।
32 गेंद की इस पारी में थे:
- 5 छक्के
- 2 चौके
- स्ट्राइक रेट 180+
- और सबसे बढ़कर—दबाव झेलने की क्षमता
यह इनिंग इसलिए खास थी क्योंकि भारत विकेट गंवा रहा था, लेकिन तिलक अकेले फ्रंट-फुट गेम खेलते रहे।
यह वह तरह की पारी है जो आमतौर पर बड़े खिलाड़ी परिस्थितियों के हिसाब से खेलते हैं।

⭐ क्या रोहित शर्मा Proud महसूस करते?
इस सवाल का जवाब समझने के लिए यह जानना ज़रूरी है कि रोहित का तिलक वर्मा से रिश्ता क्या है।
✔ 1. रोहित ने बहुत पहले तिलक की प्रतिभा को पहचाना था
मुंबई इंडियंस में कप्तान रहते हुए रोहित ने तिलक के बारे में कहा था:
“यह लड़का तीनों फॉर्मेट में खेलने की क्षमता रखता है।”
तिलक का हर बड़ा प्रदर्शन रोहित की उस भविष्यवाणी को मजबूत करता है।
✔ 2. रोहित ‘अंडर प्रेशर’ खेलने वाले खिलाड़ी पसंद करते हैं
तिलक की 62(32) की पारी में वही DNA दिखा—
- मैच बिगड़ रहा था
- रन रेट हाई था
- विकेट गिरते जा रहे थे
- और फिर भी उन्होंने मुकाबला जारी रखा
रोहित ऐसे लड़ाकू खिलाड़ियों को हमेशा सपोर्ट करते हैं।
✔ 3. रोहित के नेतृत्व में तिलक तैयार हुए
MI में रोहित ने उन्हें कई मुश्किल परिस्थितियों में मौका दिया।
इसलिए तिलक की यह पारी रोहित के दिल को जरूर छूती।
अगर रोहित मैदान पर होते तो शायद तिलक को दूर से थंब्स-अप देते।
यह गर्व वाला पल होता—“मैंने सही खिलाड़ी पहचाना था।”

⭐ क्या विराट कोहली Proud महसूस करते?
विराट की नजरों में खेलने के लिए सिर्फ टैलेंट काफी नहीं—
जज्बा और तीव्रता जरूरी होती है।
तिलक की इस पारी में दोनों दिखाई दिए।
✔ 1. विराट की सबसे बड़ी सीख—दबाव को चीरकर खेलना
विराट अपने करियर में बार-बार कठिन परिस्थितियों में मैच निकालते आए हैं।
62(32) की इस इनिंग में तिलक ने वही एटिट्यूड दिखाया—
- हर गेंद पर प्लान
- स्ट्राइक रोटेशन
- सही बॉल पर बड़ा शॉट
- मैच को छोड़कर न जाना
यह विराट की स्कूलिंग वाली बल्लेबाजी थी।
✔ 2. विराट और तिलक का खास रिश्ता
तिलक ने कई बार कहा है:
“विराट भाई से बातचीत के बाद मेरा आत्मविश्वास अलग स्तर पर चला जाता है।”
विराट, तिलक की फिटनेस और शॉट चयन की तारीफ भी करते आए हैं।
जब कोई युवा खिलाड़ी ऐसी पारी खेलता है, तो विराट जैसे दिग्गज को हमेशा गर्व होता है—
क्योंकि वे भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी को इसी स्तर पर देखना चाहते हैं।
✔ 3. यह इनिंग विराट के ‘फाइटर माइंडसेट’ की झलक थी
जब बाकी बल्लेबाज साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी से टिक नहीं पाए,
तिलक अकेले डटे रहे—
ये विराट कोहली-स्टाइल क्रिकेट है।

इसलिए विराट अगर मैच देख रहे थे, तो उनके चेहरे पर हल्की मुस्कान जरूर रही होगी।
⭐ क्या दोनों दिग्गजों ने सीधे कुछ कहा?
सीधे कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई,
लेकिन तिलक के पुराने इंटरव्यू बताते हैं कि:
- रोहित उन्हें सपोर्ट सिस्टम मानते हैं
- विराट उनकी फोकस और गेमप्लान की सराहना करते हैं
इसलिए भले ही दो शब्द सोशल मीडिया पर न दिखे हों,
दिल में दोनों दिग्गज 100% proud महसूस करते।
युवा खिलाड़ी जब जिम्मेदारी और हिम्मत दिखाता है,
तो टीम के सीनियर खिलाड़ी हमेशा उससे खुश होते हैं।
⭐ इस पारी का भविष्य पर क्या असर?
तिलक वर्मा की यह इनिंग दिखाती है कि:
- वह इंडिया के मिडिल ऑर्डर का भविष्य हैं
- बड़े टूर्नामेंटों में मैच फिनिश करने की क्षमता रखते हैं
- स्पिन + पेस दोनों को समान कुशलता से खेलते हैं
- रोहित और विराट की बैकिंग उनके पीछे मजबूती से खड़ी है
ये पारी उनके करियर में एक बड़ा मोड़ बन सकती है—
क्योंकि इसका संदेश साफ है:
“मैं दबाव में नहीं टूटता।”

⭐ निष्कर्ष: गर्व की वह भावना जो शब्दों से नहीं, खेल से दिखाई देती है
तिलक वर्मा की 62(32) की पारी सिर्फ एक नौजवान का चमकना नहीं थी—
यह भारतीय क्रिकेट की नई उम्मीदों के जन्म का पल था।
और हाँ—
रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों इस पारी को देखकर गर्व महसूस करते।
क्योंकि उन्होंने तिलक में हमेशा वही आग देखी है,
जो एक दिन भारत को आगे बढ़ाने वाली है।